ZOHO केस स्टडी। गाँव के एक किसान का लड़का जो जो गाँव में रहकर 2700 करोड़ की कंपनी रन करता है

कौन है ये गाँव में रहने वाला आदमी जो इंडिया का सबसे प्रॉफिटेबल स्टार्टअप रन करता है। इसकी कंपनी का 180 से जायदा देशों में व्यापार है। इसकी कंपनी का रेवेनुए है 7000 करोड़ है जिसमे इनका प्रॉफिट यही कोई लगभग 2700 करोड़ रुपये है। आज के समय में जब नए नए स्टार्टअप्स investors का पैसा लेकर डुबा दिया करते हैं ऐसे में इस व्यक्ति ने बिना किसी लोन लिए ही 2700 करोड़ का बिज़नेस खड़ा कर दिया। सरकार के द्वार्रा पदमश्री अवार्ड प्राप्त इस आदमी की कंपनी का नाम है ZOHO और इस व्यक्ति का नाम है श्रीधर वेम्बू।

श्रीधर वेम्बू ने JEE क्लियर करके iit में एडमिशन लिया और इसके बाद princeton यूनिवर्सिटी से phd की। इसके बाद इन्होने एक बढ़िया कंपनी में जॉब ली और 1994 में इन्होने चेन्नई में एक कंपनी की शुरुआत की जिसका नाम था अडवेंटनेट। सबसे पहले कमपनी ने hardware बनाने शुरू किये लेकिन सक्सेस नहीं मिली और इसके बाद इन्होने सॉफ्टवेयर बनाने शुरु किये। इन्होने एक एक्सिबिशन में अपने सॉफ्टवेयर दिखाए और वहां से उनको जापानीज कस्टमर्स मिले। जब इनकी कंपनी साल के 2 करोड़ कमा रही थी तब इनको ऑफर आया कमपनी को 25 करोड़ में बेचने का।

कभी किसी भी प्रकार का कोई लोन नहीं लिया। कुछ समय बाद इनकी कंपनी में गिरावट आ गयी और फिर इन्होने एक प्रोडक्ट बनाया zoho जो कि एक क्लाउड होस्टिंग प्लेटफार्म था। यह अभी भी https://www.zoho.com पर उपलब्ध है. इसके बाद इन्होने जोहो कारपोरेशन नाम से एक और कंपनी बनायी। तो इनकी कंपनी इसलिए सफल हुयी क्यूंकि ये महंगे सॉफ्टवर्स को इंडिया में बना कर US में कम दामों में बेचते थे। इंडिया में सॉफ्टवेर बनाने की कीमत कम आती है और इसलिए ये US में कॉम्पिटिटिव प्राइस प्रोवाइड करवाके us मार्किट में सस्टेन कर गए।

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