चालबाज औरतो की पहचान इन 4 लक्षणों से होती है लड़के जरुर 

दोस्तों हम यहां किसी भी तरह से स्त्री को शुभ या अशुभ की श्रेणी में विभाजित नहीं कर रहे और ना ही ऐसा कोई प्रयास कर रही हैं जिससे स्त्री की गरिमा का हनन हो। यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। आचार्य चाणक्य ने अपनी पुस्तक चाणक्य नीति में चरित्रहीन महिलाओं के बारे में ऐसी बातें बताई हैं जिनको जानकर आप किसी भी चरित्रहीन स्त्री की पहचान बड़ी आसानी से कर सकते हैं। जिस महिला की गर्दन छोटी होती है, ऐसी महिला अपने किसी भी निर्णय के लिए दूसरों पर निर्भर रहती है। वही जिसकी गर्दन की लंबाई 4 अंगुलियों से ज्यादा होती है। वह महिला अपने ही वंश का विनाश करती है। चपटी गर्दन वाली महिलाओं की विशेषता यह है कि उनका स्वभाव अत्याधिक पुस्तकें और क्रूर होता है। ऐसी महिला जिसके गालों पर हंस पिंपल पढ़ते हैं, उसका चरित्र अच्छा नहीं होता। जिस महिला की आंखें पीली और थोड़ी डरी डरी हो तो ऐसी महिलाओं का स्वभाव बहुत बुरा होता है जबकि ऐसी महिलाएं जिनकी आंखें चंचल और स्लेटी रंग की होती हैं, उत्तम मानी गई है।

हाथों की नसों में बुखार हथेली के आकार में अंतर और भी चाहती हो तो ऐसी महिलाएं आजीवन, सुख और धन से वहीं रह जाती है। जिस स्त्री की हथेली पर कोई ऐसा चिन्हा हो जो किसी मांस, पक्षी, पक्षी या पशु जैसे कोई उल्लू सा मीडिया आदि की तरह दिखता हो तो ऐसी स्त्रियां दूसरे के दुख का कारण बनती हैं। ऐसी स्त्रियां जिनके कानों में बहुत बाल होते हैं, उनका आकार आसमान होता है तो ऐसी स्त्रियां घर में कि इसकी वजह बनती है। मोटी लंबी और चौड़ी दान जो बाहर निकलते प्रतीत होते हैं तो ऐसी स्त्री के जीवन में हमेशा दुखों के बादल छाए रहते हैं।

मसूड़ों का काला होना भी स्त्री के दुर्भाग्य की निशानी है। जिन महिलाओं के होठों के ऊपर वाले भाग में अधिक बाल होते हैं जिनका कद बहुत लंबा होता है, ऐसी स्त्रियां अपने पति के लिए अशुभ साबित होती हैं। ऐसी महिलाएं जिनका लल्ला यानी माथा लंबा होता है तो वह अपने देवर के लिए अशुभ होती हैं। जिन महिलाओं का पेट लंबा होता है तो वे अपने ससुर और जिनका कमर के नीचे का कितना भारी होता है, वह अपने पति के लिए अशुभ होती हैं। ट्री का पेड़ अगर घड़ी की तरह होता है तो वह महिला ताउम्र गरीबी और दरिद्रता के हालातों से गुजरती हैं। जिन महिलाओं के पैर का पिछला भाग काफी मोटा और उठाना है, उस हाथ की नसें होती होती हैं। ऐसी महिलाएं घर के लिए शुभ नहीं होती।

इसके उलट अगर आपका यह भाग मांस हीन दुखा हो तो। महिला अपने जीवन में विभिन्न प्रकार के कष्टों का सामना करती है। चाणक्य नीति के अनुसार ऐसी स्त्री जिसके पैर की कनिष्ठा अंगुली या उसके साथ वाली अंगुली धरती को स्पष्ट ना करती हो। अंगूठे के साथ वाली अंगुली अंगूठे से बहुत ज्यादा लंबी हो तो ऐसी स्त्रियां हालात और तिथि के अनुसार अपना चरित्र बदलने दी है। ऐसी महिलाएं अत्याधिक क्रोधी स्वभाव की होती हैं और उन पर नियंत्रण स्थापित करना बहुत कठिन होता है। इन के चरित्र पर विश्वास नहीं किया जा सकता। जिस तरह महिलाएं कुल की लाज बचाने का काम करती हैं, अपने नैतिक और सामाजिक आचरण को पवित्र रखती हैं। वहीं कुछ प्रिय ऐसी भी होती हैं जिनके कृत्य पुल के विनाश का कारण बनते हैं। ऐसी स्त्रियों को सामाजिक भाषा में लक्ष्मी कहा जाता है। हमारा समाज श्री को परिवार की इज्जत मानता है और बहुत हद तक श्री यह जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वह अपने परिवार और कोई के नाम पर कोई आंच ना आने दे।

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